Farmers will get Grant for Flood and Fallow Land

 

बाढ़ व परती भूमि के लिए किसानों को मिलेगा अनुदान

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Floods and drought have resulted in crop damage in 7.85 lakh hectares in the state. Agriculture Minister Dr. Prem Kumar informed that farmers will get 772.47 crores for crop compensation.Farmers will get Grant for Flood and Fallow Land




 No farmer will get grant less than one thousand rupees even on minimum land. Farmers in the irrigated area will get an input grant of Rs 13500 per hectare and farmers in the irrigated area Rs 6800 per hectare.Farmers will get Grant for Flood and Fallow Land


 

 For cash crops, you will get 18 thousand rupees per hectare. The minimum loss amount for cash crops will not be less than 2 thousand. After the floods where silt has accumulated in the fields, assistance will be given at the rate of Rs. 12,200 per hectare.Farmers will get Grant for Flood and Fallow Land



A farmer will get a grant for a maximum of two hectares. Minimum one thousand rupees will be available for any farmer crop.

This year 896 panchayats of 102 blocks of 18 districts have been declared as drought affected. There is no planting here. Agricultural input grant will be paid for crop damage due to floods in July 2019, again they will not be eligible for agricultural input grant for crop damage due to floods in September.

The minister said that the benefit of this scheme will be available only to the registered farmers online. Farmers who are not already registered, such farmers must register themselves on the DB portal of the Department of Agriculture.




 Farmers can register for free at the nearest Common Service Center or Basudha Center, e Kisan Bhawan. The grant amount will be sent to the farmers in their Aadhaar linked bank account only.

बाढ़ और सुखाड़ से राज्य में 7.85 लाख हेक्टेयर में फसल की क्षति हुई है। कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि किसानों को फसल क्षतिपूर्ति के लिए 772.47 करोड़ मिलेंगे।

किसी भी किसान को न्यूनतम जमीन पर भी एक हजार रुपए से कम अनुदान राशि नहीं मिलेगी। सिंचित क्षेत्र के किसानों को प्रति हेक्टेयर 13500 रुपए और असिंचित क्षेत्र के किसानों को प्रति हेक्टेयर 6800 रुपए इनपुट अनुदान मिलेगा।




नकदी फसलों के लिए 18 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर मिलेंगे। नगदी फसल के लिए न्यूनतम नुकसान राशि 2 हजार से कम नहीं मिलेगी। बाढ़ के बाद जहां खेतों में गाद जमा हो गए हैं 12,200 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता मिलेगी।

एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए अनुदान मिलेगा। किसी भी किसान फसल के लिए न्यूनतम एक हजार रुपए मिलेंगे।




इस साल 18 जिलों के 102 प्रखंडों के 896 पंचायत सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। यहां रोपनी हुई ही नहीं है। जुलाई 2019 में आयी बाढ़ से हुई फसल क्षति के लिए कृषि इनपुट अनुदान का भुगतान होगा, उन्हें पुन: सितंबर माह में आयी बाढ़ से हुई फसल क्षति के लिए कृषि इनपुट अनुदान मान्य नहीं होगा।




मंत्री ने कहा कि इस योजना का लाभ ऑनलाइन पंजीकृत किसानों को ही मिलेगा। जो किसान पहले से पंजीकृत नहीं हैँ, ऐसे किसान कृषि विभाग के डीबी पोर्टल पर अपना पंजीकरण निश्चित तौर पर करा लें।



किसान पंजीकरण अपने नजदीकी कॉमन सर्विस केंद्र या बसुधा केंद्र, ई किसान भवन में निःशुल्क करा सकते हैं। अनुदान की राशि किसानों को उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में ही भेजा जाएगा।



खरीफ 2019 -20 अंतर्गत कृषि इनपुट अनुदान ऑनलाइन आवेदन दिनांक 4 नवंबर से प्रारंभ है इसकी अंतिम तिथि 20 नवंबर 2019 तक है

Input Anudan Online(बाढ़ व परती भूमि के लिए) Click Here
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